शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

जाने अब वो कैसा होगा ...

"काफी अरसा बीत गया ,
जाने अब वो कैसा होगा ।

वक्त की सारी कडवी बातें ,
चुप-चुप से वो सहता होगा ।
अब भी भीगी बारिश में वो ,
बिन छतरी के चलता होगा ।

मुझसे बिछड़े अरसा हो गया ,
अब वो किससे लड़ता होगा ।
अच्छा था जो साथ में थे ,
बाद में उसने सोचा होगा ।
अपने दिल की सारी बातें ,
खुद ही खुद से करता होगा ।

आंखे नम भी होती होंगी ,
याद वो जब भी करता होगा ।
काफी अरसा बीत गया ,
जाने अब वो कैसा होगा ..।"

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