बुधवार, 10 मार्च 2010

बस प्यार हो गया .....



उनका कहना है आप आँखें शबनमी कर लें ,
मुझे भुला के बसर अपनी ज़िन्दगी कर लें ।

ये तन्हापन ये बेहोशी ये गमजदा हालत ,
दिल में तो आता है की यार खुदकशी कर ले ।

वो मेरा यार जाने क्यूँ मुझे खुदा सा लगा ,
क्यूँ दिल में आया चलो उसकी बंदगी कर लें ।

मै थक गया उसकी गली में घूम-घूमकर ,
वो कम्बखत बैठा रहा कहीं घर में ।

वो चुपके से अन्दर आ ही जाते हैं कही से ,
दिल के बंद चाहे रस्ते सभी कर लें ।

यूँ ही बस इत्तेफाकन मिल गई नज़र से नज़र ,
दिल कब आया था कि यार आशिकी कर लें ……

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